God Quotes In Hindi continue to inspire millions, providing a source of comfort and reflection amid life’s uncertainties. The relevance of these quotes in today’s fast-paced world cannot be overstated; they bridge the gap between tradition and contemporary life.
Let’s explore a collection of uplifting quotes that not only reflect the essence of devotion but also encourage readers to strengthen their faith in challenging times. By delving into these quotes, you will discover profound insights that can enrich your spiritual journey.
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God Quotes In Hindi: Divine Words of Wisdom & Hope
Quotes For God In Hindi resonate deeply with the cultural and spiritual fabric of India, offering insights that transcend mere words. These quotes often reflect timeless wisdom, urging individuals to seek inner peace and strength amid life’s challenges.
- ईश्वर का ध्यान कर लेने पर मनुष्य का आकार वही रहता है, परंतु उससे अशुभ कर्म नहीं होते। अर्थात जो व्यक्ति अपना सबकुछ ईश्वर को समझकर सांसारिक कार्य करता है वो कभी गलत कार्य नहीं करता।
- ईश्वर का दर्शन कर लेने पर मनुष्य फिर जगत् (संसार) के जंजाल-में नहीं पड़ता, ईश्वर को छोड़कर एक क्षण भी उसे शान्ति नहीं मिलती, एक क्षण भी ईश्वर को छोड़ने में मृत्यु-कष्ट होता है।
- ईश्वर के पास जाने के अनेकों उपाय हैं। सभी धर्म इसी के उपाय दिखला रहे हैं।
- हे मनुष्यों! तुम संसार की बातों में भूले-बिसरे, यह सब छोड़कर जब तुम भगवान के लिए रोओगे, तो प्रभु उसी समय आकर तुम्हें अपनी गोद में ले लेंगे।
- ईश्वर को देखना चाहते हो तो माया को हटा दो।
- इस सत्य को धारण करो कि भगवान पराये हैं, न तुम से दूर हैं और न दुर्लभ ही हैं
- जिसनें तुम्हे यहाँ भेजा है, उसने तुम्हारे भोजन का प्रबन्ध पहले से कर रखा हैं।
- जिसकी साधना करने की तीव्र उत्कण्ठा (इच्छा) होती है, भगवान उसके पास सद्गुरू भेज देते हैं। गुरू के लिए साधकों को चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
- मनुष्य देखने में कोई रूपवान्, कोई कुरूप, कोई साधु, कोई असाधु दिखते हैं, परंतु उन सबके भीतर एक ही ईश्वर विराजते हैं
- फल के बड़े होने पर फूल अपने-आप गिर जाता है, इसी प्रकार देवत्व के बढ़ने से नरत्व नहीं रहता।
- मनुप्य तभी तक धर्म के विषय में तर्क-वितर्क करता है, जब तक उसे धर्म का स्वाद नहीं मिलता। स्वाद मिलने पर वह चुप-चाप साधन करने लगता है।
- ईश्वर के अनन्त नाम है, अनन्त रूप हैं, अनन्त भाव हैं। उसे किसी नाम से, किसी रूप से और किसी भाव से कोई पुकारे वह सबकी पुकार सुन सकता है, वह सबकी मनः कामना पूरी कर सकता है।
- पुस्तकें हजार पढ़ो, मुख से हजार श्लोक कहो, पर व्याकुल होकर उसमें डुबकी नहीं लगाने से उसे पा न सकोगे।
- पहले ईश्वर को प्राप्त करने की चेष्टा करो। गुरू का विश्वास करके कुछ कर्म करो। गुरू न हों तो भगवान् के पास कुल-प्राण से प्रार्थना करो। वह कैसे हैं यह उन्हीं की कृपा से मालूम हो जायगा।
- सांसारिक पुरूष धन, मान-विष्यादि असार वस्तुओं संगह कर सुख की आशा करते हैं। परन्तु वह सब किसी प्रकार मे सुख नहीं दे सकते।
- भगवान् जीव को पाप में लिपटा रहने नहीं देता। व दया कर झट उसका उद्धार करते हैं।
- पूर्व दिशा में जितना ही चलोगे पश्चिम-दिशा उतनी ही दूर होती जायगी। इसी प्रकार धर्म पथ पर जितना ही अग्रस होओगे, संसार उतनी ही दूर पीछे छूटता जायगा।
- कलियुग में प्रेमपूर्ण ईश्वर भक्ति ही सर्वश्रेष्ठ तथा साथ वस्तु है।
- प्रेम से हरिनाम गाओ। प्रेम से कीर्तन-रंग में मस्त होकर नाचो। इससे तरोगे। संसार से तर जाओगे।
- गुरू ही माता, गूरू ही पिता और गुरू ही हमारे कुलदेव है
- परमात्मा एक है, उसको अनेक लोग अनेक भावों से भजते है।
- जिस हृदय में ईश्वर का प्रेम प्रवेश कर गया उस हृदय से काम, क्रोध, अहंकार आदि सब भाग जाते हैं। वे फिर नहीं ठहर सकते।
- सब धर्मों का आदर करो, पर अपने मन को अपनी ही धर्म-निष्ठा से तृप्त करो।
- साधन-भजन के द्वारा मनुष्य ईश्वर को पाकर फिर अपने धाम को लौट जाता है।
- ईश्वर हम लोगों के अपने मन में हैं, वह हम लोगो की अपनी माता हैं। उनके पास हम लोगों का जोर करना, मचलना चल सकता है।
- संसार में रहकर जो साधना कर सकते है, यथार्थ में वे ही वीर पुरूष हैं।
- संसार में रहकर सब काम करो, पर ख्याल रखो कहीं ईश्वर के लक्ष्य से मन हट न जाय।
- कुलटा स्त्रियाँ माता-पिता तथा परिवार वालों के साथ रहकर संसार के सभी कार्य करती हैं, परंतु उनका मन सदा अपने यार में लगा रहता है, हे संसारी जीव। तुम भी मन को ईश्वर में लगाकर माता-पिता तथा परिवार का काम करते रहो।
- संच्चा शिष्य गुरू के किसी बाहरी काम पर लक्ष्य नहीं करता। वह तो केवल गुरू की आज्ञा को ही सिर नवाकर पालन करता है।
God Love Quotes In Hindi
These quotes encapsulate the profound connection between spirituality and love. These quotes serve as a reminder of how divine love transcends all boundaries, offering solace and inspiration in our daily lives.
- पतंगा एक बार रोशनी देखने पर फिर अन्धकार में नहीं जाता, चींटियाँ गुड़ में प्राण दे देती हैं, पर वहाँ से लोटती नहीं। इसी प्रकार भक्त जब एक बार प्रभुदर्शन का रसास्वादंन कर लेते हैं, तो उसके लिये प्राण दे देते हैं, पर लौटते नहीं।
- गुरू लाखों मिलते हैं, पर चेला एक भी नहीं मिलता। उपदेश करने वाले अनेकों मिलते हैं, पर उपदेश पालन करने वाले विरले ही हैं ।
- ईश्वर का प्रकाश सबके हृदय में समान होने पर भी वह साधुओं के हृदय में अधिक प्रकाशित होता है।
- समाधि-अवस्था में मन को उतना ही आनन्द मिलता है, जितना जीती मछली को तालाब में छोड़ देने से।
- काजल की कोठरी में कितना भी बचकर रहो, कुछ न -कुछ कसौंस लगेगी ही। इसी प्रकार युवक-युवती परस्पर बहुत सावधानी के साथ रहें तो भी कुछ-न-कुछ काम जागेगा ही।
- जिस प्रकार दर्पण स्वच्छ होने पर उस में मुँह दिखलायी देने लगता है, उसी प्रकार हृदय के स्वच्छ होते ही उसमें भगवन का रूप दिखायी देने लगता है।
- ईश्वर को अपना समझकर किसी एक भाव से उसकी सेवा-पूजा करने का नाम भक्तियोग है।
- कलियुग में और योगों की अपेक्षा भक्ति योग से सहज ही ईश्वर की प्राप्ति होती है।
- ध्यान करना चाहते हो तो तीन जगह हर सकते हो- मन में, घर के कोने में और वन में।
- दुष्ट मनुष्य में भी ईश्वर का निवास है, परंतु उसका संग करना उचित नहीं।
- ऐसे मनुष्यो से, जो उपासना से ठट्ठा करते है, धर्म तथा धार्मिकों की निन्दा करते है, एकदम दूर रहना चाहिये।
- दूध में मक्खन रहता है, पर मथने से ही निकलता है। वैसे ही जो ईश्वर को जानना चाहे वह उसका साधन-भजन करे।
- एक ज्ञान ज्ञान, बहुत ज्ञान अज्ञान।
- ईश्वर साकार-निराकार और क्या-क्या है, यह हमलोग नहीं जानते। तुम्हें जो अच्छा लगे उसी में विश्वास कर उसे पुकारो, तुम उसी के द्वारा उसें पाओगे।
- मिसरी की डली चाहे जिस ओर से, चाहे जिस ढंग से तोड़कर खाओ मीठी ही लगेगी, उसी प्रकार मन सफेद कपडे के समान है, इसे जिस रंग में डुबाओगे वहीं रंग चढ़ जायगा।
- मन को स्वतंत्र छोड़ देने पर वह नाना प्रकार के संकल्प -विकल्प करने लगता है, परंतु विचार रूपी अंकुश से मारने पर वह स्थिर हो जाता है।
- हरिनाम सुनते ही जिसकी आँखों से सच्चे प्रमाश्रु वह निकलते हैं वही नाम-प्रेमी है।
- डुबकी लगाते ही जाओ, रत्न अवश्य मिलेगा। धीरज रखकर साधना करते रहो, यथासमय अवश्य ही तुम्हारे ऊपर ईश्वर की कृपा होगी।
- साधु-संग को धर्म का सर्व प्रधान अङग समझना चाहिये।
- मरने के समय मनमें जैसा भाव होता हैं, दूसरे जन्म में वैसी ही गति होती है, इसीलिये जीवन भर भगवान के स्मरण की आवश्यकता है, जिससे मुत्यु के समय केवल भगवान् ही याद आवें।
- ईश्वर अपने आने के पूर्व साधक के हृदय में प्रेम, भक्ति, विश्वास तथा व्याकुलता पहले ही भर देते हैं।
- हृदय स्थिर होने से ही ईश्वर का दर्शन होता है, हृदय – सरोवर में जब तक कामना की हवा बहती रहेगी, तब तक ईश्वर का दर्शन असम्भव है।
- केवल ईश्वर-ज्ञान ही ज्ञान है और सब अज्ञान है।
- भगवान् भक्ति के वश हैं, वे अपनी ओर ममता और प्रेम चाहते हैं।
- जिसके मन में ईश्वर का प्रेम उत्पन्न हो गया, उसे संसार का कोई सुख अच्छा नहीं लगता।
- जो प्रभु के प्रेम में बाबला हो गया है, जिसने अपना सब कुछ उनके चरणों में अर्पण कर दिया है, उसका सारा भार प्रभु अपने ऊपर ले लेते है।
- संसार में आकर भगवान के विषय में तर्क, युक्ति, विचार आदि करने से कुछ फल नहीं। जो प्रभु को प्राप्त कर आनन्दानुभव कर सकता है, वही धन्य है।
- सभी मनुष्य जन्म-जन्मान्तर में कभी न कभी भगवान् को देखेगे ही।
Best God Love Quotes In Hindi
These quotes resonate deeply with spirituality, offering profound wisdom that transcends cultural boundaries. These quotes serve as a reminder of the divine presence in our everyday lives, encapsulating complex ideas in simple yet impactful phrases.
- सूई के छेद में धागा पहनाना चाहते हो तो उसे पतला करो। मन को ईश्वर में पिरोना चाहते हो तो दीन-हीन अकिंचन बनो।
- भक्त का हृदय भगवान् की बैठक है।
- संसार में जो जितना सह सकता है, वह उतना ही महात्मा है।
- जिसका मन रूप चुवकयन्त्र भगवान् के चरणकमलोंकी और रहता है, उसके डूब जाने या राह भूलने का डर नहीं।
- साधन की राह में कई बार गिरना-उठना होता है, परंतु प्रयत्न करने पर फिर साधन ठीक हो जाता है।
- सच्चे विश्वासी भक्त का विश्वास तथा भक्ति किसी प्रकार नष्ट नहीं होती।
- संसार में ईश्वर ही केवल सत्य है और सभी असत्य है।
- दुर्लभ मनुष्य-जन्म पाकर जो व्यक्ति ईश्वर की प्राप्ति के लिये यत्न नहीं करता उसका जन्म वृथा ही है।
- सर्वदा सत्य बोलना चाहिये। कलिकाल में सत्य का आश्रय लेने के बाद और किसी साधना का काम नहीं। सत्य ही कलिकाल की तपस्या है।
- संसार के यश और निन्दा की कोई परवाह न करके ईश्वर के पथ में चलना चाहिये।
- एक महात्मा को कृपा से कितने ही जीवों का उद्धार हो जाता है।
- साधक के भीतर यदि कुछ आसवित है तो समस्त साधना व्यर्थ चली जायगी।
- जो ईश्वर में नित्य डूबा रहता है, उसकी प्रेमाभक्ति कभी नहीं सूखती। परंतु दो-एक दिन की भक्ति
- से ही जो संतुष्ट तथा निश्चिन्त रहता है, सीके पर रखे हुए रिसते घडे के जल के समान वह भक्ति दो दिन बाद ही सूख जाती है।
- जगत् में ईश्वर व्याप्त हैं, पर उनके पाने के लिये साधना करनी पड़नी है।
- जिस मन से साधना करनी है, वही यदि विषयासंवत हो जाय तो फिर साधना असम्भव ही समझो।
- जल में नाव रहे तो कोई हानि नहीं, पर नाव में जल नहीं रहना चाहिये। साधक संसार में रहे तो कोई हानि नहीं, परंतु साधक के भीतर संसार नहीं होना चाहिये।
- मन और मुख को एक करना ही साधना है। ईश्वर महान् होने पर भी अपने भक्त का तुच्छा उपहार प्रेमपूर्वक प्रसन्न होकर ग्रहण करते है।
- ईश्वर में भक्ति और अटूट निष्ठा करके संसार का सब काम करने में जीव संसार-बन्धन में नहीं पड़ता।
- जो ईश्वर का चरण कमल पकड़ लेता है, वह संसार से नहीं डरता। ईश्वर के चरणकमल पकड कर संसार का काम करो, बन्धन-का डर नहीं रहेगा।
- पहले ईश्वर-प्राप्ति का यत्न करो, पीछे जो इच्छा हो कर सकते हो।
- जो ईश्वर पर निर्भर करते हैं, उन्हे ईश्वर जैसे चलाते हैं , वैसे ही चलते हैं, उनकी अपनी कोई चेष्टा नहीं होती।
- जिस व्यक्ति को ईश्वर के नाम में रूचि है, भगवान् में जिसको लगन लग गयी है, उसका संसार-विकार अवश्य दूर होगा। उस पर भगवान् की कृपा अवश्य-अवश्य होगी।
- अपने सब कर्म फल ईश्वर को अर्पण कर दो। अपने लिये किसी फल की कामना न करो।
- वासना लेशमात्र भी रही तो भगवान नहीं मिल सकते।
- अहंकार होने पर ईश्वर को नहीं देख सकते। अहंबुद्धि के जाते ही सब जंजाल दूर हो जाते है।
- मैं प्रभुका दास हूँ, मै उसकी संतान हूँ, मैं उसका अंश हूँ, ये सब अहंकार अच्छे हैं। ऐसे अभिमान से भगवान् मिलते है।
- जिसका (साधन) यहाँ ठीक है उसका वहाँ भी ठीक है और जिसका यहाँ नहीं है उसका वहाँ भी नहीं है।
- जिसका जैसा भाव होता है उसको वैसा ही फल मिलता है।
- सफेद कपडे़ में थोड़ी भी स्याही का दाग पड़ने से वह दाग बहुत स्पष्ट दीखता है, उसी प्रकार पवित्र मनुप्यों का थोड़ा दोष भी अधिक दिखलायी देता है।
- जिस घर में नित्य हरि-संकीर्तन होता है वहाँ कलियुग प्रवेश नहीं कर सकता।
Positive God Quotes In Hindi
These quotes in Hindi offer a profound source of inspiration and strength, reflecting the deep spiritual wisdom embedded in Indian culture. These quotes often encapsulate universal truths about love, compassion, and resilience, reminding us of the divine presence that guides us through life’s challenges.
- जब भगवान के आश्रित हो रहे हो तो यह न हुआ, वह न हुआ आदि चिन्ताओं में न पड़ो।
- विश्वासी भक्त आजीवन भगवान् का दर्शन न मिलकर भी भगवान को नहीं छोड़ता।
- संसार कच्चा कुआँ है। इसके किनारे पर खूब साबधानी से खडे़ होना चाहिये। तनिक असावधान होते ही कुएँ में गिर पड़ोगे, तब निकलना कठिन हो जायगा।
- संसारी! तुम संसार का सब काम करो, किंतु मन हर घड़ी संसार से विमुख रखो।
- कामिनी और कन्चन ही माया है। इनके आकर्षण में पड़पे पर जीव की सब स्वाधीनता चली जाती है। इनके मोहके कारण ही जीव भव-बन्धन में पड़ जाता है।
- संसार में रहने से सुख-दुःख रहेगा ही। ईश्वर की बात अलग है और उसके चरण-कमल में मन लगाना और है। दुःख के हाथ से छुटकारा पाने का और कोई उपाय है नहीं।
- साधु-सग करने से जीव का माया रूपी नशा उतर जाता है।
- जिससे दस आदमी अच्छी प्रेरणा पाते हों तथा शुभ- कार्य में लगतें हों तो समझना चाहिये कि उसके भीतर भगवान् की विभूति अधिक है।
- जो सोचता है ‘मैं जीव हूँ’ वह जीव है, और जो सोचता है ‘मैं शिव हूँ’ वह शिव है। एक ईश्वर को पकड़े रहने से इहलौकिक, पारलौक़िक अनेकों लाभ होते हैं, पर ईश्वर को त्यागते ही जीवका सब कुछ व्यर्थ हो जाता है।
- व्याकुल होकर उसके लिये रोने से ही ‘वह’ मिलता है। लोग लड़के-बच्चे के लिये, रूपये-पैसे के लिये कितना रोते हैं, कि भगवान् के लिये क्या कोई एक बूँद भी आँसू टपकाता है, उसके लिये रोओ, आँसू बहाओ, तब उसको पाओगे।
- ईश्वर कहते है उदास न हो, मैं तेरे साथ हूँ, पलकों को बंद कर और दिल से याद कर, मैं कोई और नहीं तेरा विश्वास हुँ।
- मुँह में राम बगल में ऐसा विश्वास चाहिये कि मैने उसका नाम लिया है इससे अब मेरे पाप कहाँ ? मेरे अब बन्धन कहाँ?
- एक ईश्वर ही सबका गुरू है।
- जब तक अज्ञान है तभी तक चौरासी का चक्कर है।
- दूसरे को सिखाने के लिये व्याकुल मत हो। जिससे तुम्हें ज्ञान भक्ति प्राप्त हो, ईश्वर के चरण-कमल में मन लगे वही उपाय करो।
- परनिन्दा और परचर्चा कभी न करो।
- विश्वास तारता है और अंहकार डुबाता है।
- पहले संसार करके पीछे भगवान् की प्राप्ति की इच्छा करते हो। ऐसा न करके पहले भगवान् को लेकर पीछे संसार करने की इच्छा क्यों नहीं करते ? इससे बहुत सुख पाओगे।
- सात्त्विक साधक में बाहरी दिखावे का भाव तनिक भी नहीं रहता।
- जो मूर्ख वासना के रहते गेरूआ वस्त्र धारण करता है उसका यह लोक और परलोक दोनों नष्ट हो जाते हैं।
- देह को चाहे जितना सुख-दुःख हो, भक्त उसका ख्याल नहीं करते। उनकी वृत्ति तो प्रभु के चरणों में अनन्यभाव से लगी रहती है।
- ईश्वर द्वारा ली गई हर परीक्षा सिर्फ इन्सान की प्रगति के लिए होती है.
- स्वामी के जीते रहते ही जो स्त्री ब्रह्मचर्य धारण करती वह नारी नहीं है, वह तो साक्षात् भगवती है।
- ईश्वर का प्रेम पाकर मनुष्य सारी बाह्य वस्तुओं को भूल जाता है। जगत् का खयाल उसको नहीं रहता, यहाँ तक कि सबसे मय अपने शरीर को भी भूल जाता है। जब ऐसी अवस्था आवे सब समझना चाहिये कि प्रेम प्राप्त हुआ।
- अहंकार करना व्यर्थ है। जीवन, यौवन कुछ भी हो यहाँ हीं रह रायेगा । सब दो घड़ी का सपना है।
- महान् संकट पड़ने पर आगे पीछे वही हमारी रक्षा करने वाले हैं। यह काया, और मन उन्ही के चरणों में अर्पण हैं।
- कीर्तन के सामने मुक्ति भी लज्जित होकर भाग जाती है।
- कलियुग में नाम-स्मरण और हरि-कीर्तंन से जीवमात्र का उद्धार होता है।
- सब दानों में श्रेष्ठ अन्नदान है और उससे भी श्रेष्ठ ज्ञान-दान है।
- बैठकर राम-नाम के ध्यान का अनुष्ठान करें, उसी में मन- को दृढ़ कर एकनिष्ठा भावमें मग्न हों। इससे बढ़कर कोई साधन है नहीं।
- परद्रव्य और परदारा को छूत मानें इससे बढ़कर निर्मल कोई तप है नहीं।
- इस कलियुग में राम-नाम के सिवा कोई आधार है नहीं।
- मन में भगवान् का रूप ऐसे आकर बैठ जाय कि जाग्रत्, स्वप्न, सुषुप्ति कोई भी अवस्था याद न आवे।
- इन कानों से तेरा नाम और गुण सुनूँगा। इन पैरों से तीर्थों के ही रास्ते चलूँगा।
- यह नश्वर देह किस काम आवेगी ? भगवन्! मुझे ऐसी प्रेमभक्ति दे कि मुँह से तेरा ही नाम अखण्ड रूप से लेता रहूँ। अपनी स्तुति और दूसरों की निन्दा, हे गोविन्द! मैं कभी न करूँ। सब प्राणियों में हे राम! मैं तुम्हे ही देखूँ और तेरे प्रसाद से ही सन्तुष्ट रहूँ।
- भगवान् का आवाहन किया, पर इस आवाहन में विराजंन का कुछ काम नहीं। जब चित्त उसी में लीन होता है तो गाते …..नहीं बनता।
- जो सब देवोंका पिता है उसके चरणों की शरण लेते है, सारी माया छूट जाती है, सब द्वन्द्व नष्ट हो जाते हैं।
- वह ज्ञानदीप जलाया जिसमें चिन्ताका कोई काजल नई और आनन्दभरित प्रेम से देवाधिदेव श्रीहरि की आरती की। ….भेद और विकार उड़ गये।
- भीतर-बाहर, चर-अचर में सर्वत्र श्रीहरि ही विराज है। उन्होने मेरा मन हर लिया, मेरा-तेरा भाव निकाल दिया।
- योग, तप, कर्म और ज्ञान-ये सच भगवान् के लिये है। भगवान् के बिना इनका कुछ भी मूल्य नहीं है।भगवान् के चरणों में संसार को समर्पित करके निश्चितं रहते हैं और तव वह सारा प्रपव्च भगवान् का ही हो जाता है।
Thoughts on God In Hindi God Vachan In Hindi
ईश्वर के बारे में विचार हमारे जीवन की गहराईयों को समझने में मदद करते हैं। जब हम “ईश्वर वचन” की बात करते हैं, तो यह न केवल धार्मिक ग्रंथों का संदर्भ देता है, बल्कि हमारे भीतर के उस ज्ञान और अनुभव का भी प्रतीक है जो हमें जीवन के कठिन समय में मार्गदर्शन करता है। भारतीय संस्कृति में, ईश्वर की अवधारणा केवल एक शक्ति नहीं है; यह प्रेम, करुणा और समर्पण का स्रोत भी है।
- जो निर्द्वन्द्व होकर निन्दा सह लेता है उसकी माता धन्य होती है।
- सब प्रणियों में भगवान् को विद्यमान जानकर उनके हितार्थ अहंभावरहित होकर कायेन मनसा वाचा उद्योग करना ही भगवान् की सेवा है।
- धन्य हैं सदगुरू जिन्होंने गोविन्द दिखा दिया। संतों के घर-द्वार, अंदर-बाहर, कर्म में, वाणी में और मन- में भगवन के सिवा और कुछ भी नहीं मिल सकता।
- संतो कें कर्म, ज्ञान और भक्मि हरिमय होते हैं। शान्ति क्षमा, दया आदि दैवी गुण संतों के आँगन में लोटा करते हैं।
- संत-सेवा मुक्ति का द्वार है।
- भगवान् स्वयं संतो के घर में घुसकर अपना अलख जगाते है।
- सद्गुरू के सामने वेद मौन हो गये, शास्त्र दिवाने ही रह जाते हैं । सद्गुरू की कृपा दृष्टि जिस पर पड़ती है, उसकी दृष्टि में सारी श्रष्टि श्रीहरिमय हो जाती है।
- किसी व्यक्ति ने साईं से पुछा बाबा आप बड़े हैं, फिर भी नीचे क्यों बैठते हैं ?
“साईं बाबा” ने जवाब दिया, नीचे बैठने वाला कभी गिरता नहीं है। - सारा प्रपव्च छोड़कर भगवत्चरणों का ही सदा ध्यान करना चाहिये।
- सदगुरू का सहारा जिसे मिल गया, कलिकाल उसका कुछ विगाड़ नहीं सकता।
- भक्ति, वैराग्य और ज्ञान का स्वंय आचरण करके दूसरों- को इसी आचरण में लगाने का नाम ही लोक संग्रह है।
- सिद्धियों के मनोरथ केवल मनोरंजन हैं, उनमें परमार्थ नहीं, प्रायः बने हुए लोग ही सिद्धियों का बाजार लगाते हैं और गरीबों को ठगते हैं।
- कलिकाल बड़ा भीषण है, इसमें केवल प्रभु के नाम का ही सहारा है।
- इन्द्र और चींटी दोनों देहतः समान ही हैं। देहमात्र ही नश्वर है। सबके शरीर नाशवान् हैं। शरीर का पर्दा हटाकर देखो सर्वत्र भगवान् ही हैं। भगवान् के सिवा और क्या है ? अपनी दृष्टि चिन्मय हो तो सर्वत्र श्रीहरि ही हैं।
- श्रीकृष्ण तो सर्वत्र रम रहे हैं। वह सम्पूर्ण विश्वके अंदरऔर बाहर व्याप्त हैं।जहाँ हो वहीं देखो, वहीं तुम्हे वह दर्शन देंगे।
- दृश्य, दर्शन, द्रष्टा-तीनों को पारकर देखो तो बस श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण हैं।
- भगवान् श्रीकृष्ण समस्त जगत् के एकमात्र स्वामी हैं।
- जिसका ऐश्वर्य, माधुर्य, वात्सल्य सभी अनन्त है, अपार है। जिसे जिसका एक कण भी मिल गया वह धन्य-धन्य हो गया।
- सभी वैभव वाले, बड़ी आयु वाले, बड़ी महिमा वाले आखिर ले गये मृत्युपंथ में ही। सब चले गये, परन्तु एक ही रहे जो स्वरूपा कार हुए-आत्मज्ञानी हुए।
Conclusion
The collection of God quotes in Hindi for 2025 serves as a powerful reminder of faith and spirituality. These inspiring words can uplift our spirits and guide us during challenging times. By reflecting on these quotes, you can cultivate a deeper connection with our beliefs and foster a sense of peace within ourselves.
If you share them with loved ones or keep them for personal reflection, these quotes have the potential to inspire positive change in your life.