Paisa Shayari in Hindi poignantly illustrates the bitter truths surrounding wealth and poverty. As society continues to chase prosperity, many individuals remain trapped in cycles of hardship, their stories often unheard.
Lets explore shayari that speaks to both the allure of riches and the struggles of the impoverished, providing a nuanced perspective on financial disparity.
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Paisa Shayari in Hindi :The Unspoken Reality
पैसा शायरी हिंदी में न केवल धन के महत्व को उजागर करती है, बल्कि यह समाज की उस अनकही सच्चाई को भी बयां करती है जो अक्सर हमारी आँखों के सामने होती है। इस शायरी में धन की आकांक्षा, उसकी शक्ति और कभी-कभी उसके द्वारा उत्पन्न असुरक्षा को खूबसूरती से व्यक्त किया जाता है। जब हम पैसे को एक साधन के रूप में देखते हैं, तो यह हमें आत्म-विश्वास और स्वतंत्रता का अहसास कराता है, लेकिन जब यही पैसा हमारी पहचान का हिस्सा बन जाता है, तो जीवन में असंतोष और संघर्ष भी लाता है।
Money Shayari In Hindi
खुद को मतलबी पैसे की दुनियां से संभाल कर रखो।
यह मतलब निकाल, कंगाल करके तुम्हें छोड़ जाएंगे।
मतलब निकल जाने पर सब छोड़ देते हैं
झूठे वादे करके फिर उन्हें तोड़ देते हैं।
कभी पैसा 🤑 देख कर किसी से दोस्ती ना करो
जिससे दोस्ती करो हर हालात में उसके साथ रहो।
जब तक पैसा है तेरे पास 🤑,
तब तक मतलबी लोगों का है तू खास।
मतलबी पैसे की दुनिया है सबको समझा रहा हूँ
मुझे पता चल गया इसलिए आपको भी बता रहा हूं।
जब तक पैसा मेरे पास रहा,
तब तक मैं सबका बाप रहा,
जब हो गयी जेब खाली तो,
तू कौन है यह सबने कहा।
अंधा प्यार तो एक ज़माने में हुआ करता था
आजकल तो प्यार Paisa 🤑 देख कर होता है।
पैसा और रिश्ता शायरी Hindi
जरूरतें कम कर लो जितना भी,
पैसा कमाओगे अधिक होगा,
जरूरतें अधिक कर लो जितना भी,
पैसा कमाओगे कम होगा।
“पैसा” बदलते देखा है हमने फितरत इंसानों की,
जो बस चंद पैसे के वजन से रिश्ते की अहमियत तौलते हैं।
सांसारिक जीवन में आप पैसे के,
बिना खुश नही रह सकते हैं।
जब जेब में रूपये हो तो,
दुनिया आपको औकात दिखाती हैं।
और जब जेब में रूपये न हो तो,
दुनिया अपनी औकात दिखाती हैं।
पैसा बिस्तर दे सकता हैं पर, नींद नही,
पैसा भोजन दे सकता हैं पर, भूख नही।
मैंने अपनो से ज्यादा गैरों पे भरोसा किया,
तकदीर का खेल तो देखो,
पैसों के चमक ने गैरों का असली रंग दिखा दिया।
रिश्तों की कदर पैसों की तरह करनी चाहिए,
क्योंकि दोनों को कमाना कठिन और गवाना आसान है।
लोग कहते है की पैसा बोलता है,
मगर हमने कभी पैसे को बोलते नहीं देखा,
हां कई लोगों को चुप करवाते देखा है।
कुछ को सौ में तो कुछ को हज़ारों में,
इंसान और इंसानियत को बिकते,
देखा है मैंने बाज़ारों में।
आज के डेट में सब,
से बड़ा पैसा है मेरी जान।
अगर तुम्हारे पास पैसा है,
तो तुम दुनिया पे राज करोगे।
पैसा अच्छे कपडे दे सकता हैं पर, सुन्दरता नही,
पैसा ऐशो आराम के साधन दे सकता हैं पर सुकून नही।
भाई ने भाई को,
बेटे ने माँ-बाप को छोड़ दिया,
इतना बड़ा हो गया ये पैसा,
इसके लिए सभी अनमोल रिश्तो को तोड़ दिया।
मैं पैसा हूँ मैं भगवान नही,
पर मुझे लोग मानते भगवान से कम नही।
ज्यादातर इन्सान पैसों के आधार पर,
लोगों को महत्व देते हैं।
जब व्यक्ति के जेब में पैसा होता हैं,
तो वह भूल जाता हैं कि वह कौन हैं,
लेकिन जब उसके पास पैसा नही होता,
तो दुनिया भूल जाती हैं कि वह कौन हैं।
कागज़ के नोट की चाहत में बहुत कुछ छूट जाता हैं,
ना जाने सब्र का धागा कहाँ पर टूट जाता हैं।
सभी के तलवे चाटूँ मैं ऐसा थोड़ी हूँ,
सभी को पसंद आऊं मैं पैसा थोड़ी हूँ।
रूपया कितना भी गिर जाएँ,
इतना कभी नही गिर पायेगा,
जितना रूपये के लिए
इंसान गिर चुका हैं।
कुछ को सौ में तो कुछ को हज़ारों में,
इंसान और इंसानियत को बिकते
देखा है मैंने बाज़ारों में।
मिली थी जिन्दगी किसी के “काम” आने के लिए,
पर वक्त बीत रहा है क़ागज के टुकड़े कमाने के लिए!
जिसके पास पैसा उनके सब करीब होते है,
उनका कोई नहीं होता जो गरीब होते हैं!
आज के डेट में सब
से बड़ा पैसा है मेरी जान
अगर तुम्हारे पास पैसा है
तो तुम दुनिया पे राज करोगे।
Paise Ki Shayari
कागज़ के नोट की चाहत में बहुत कुछ छूट जाता हैं,
ना जाने सब्र का धागा कहाँ पर टूट जाता हैं।
अपने कमाए हुए पैसे से तो सिर्फ ज़रूरत पूरी होती है,
शौक तो मां-बाप से मांगे हुए पैसों से पूरे होते थे।
पैसे से जो आदमी को सम्मान मिलता है,
वह उसका नहीं, उसके पैसे का सम्मान है।
कफन में तो कोई जेब भी नहीं होती है,
और लोग मरे जा रहे हैं पैसे के लिए।
पैसा बोलता है ,
पैसा मोलता है।
जिनके पास नहीं उन्हें पूछो ,
पैसा तोलता है।
Conclusion
The exploration of Paisa Shayari in Hindi reveals a profound reflection on the contrasting realities of wealth and poverty in our society. These poignant verses not only highlight the allure and complications that riches bring but also serve as a reminder of the struggles faced by those who live in poverty.
The power of words can inspire empathy and understanding towards both ends of the economic spectrum. Therefore, let us embrace these literary expressions and foster conversations around social equity and compassion.